भारतीय फुटबॉल की नींव और प्रमुख पड़ाव
भारत में संगठित फुटबॉल की शुरुआत 1888 में डुरंड कप के साथ हुई — यह एशिया की सबसे पुरानी फुटबॉल प्रतियोगिताओं में से एक है। 1889 में मोहन बागान एथलेटिक क्लब का गठन हुआ और 1911 में उन्होंने IFA शील्ड जीतकर पूरे देश को चौंका दिया। आजादी के बाद भारत 1948 ओलंपिक में नंगे पैर खेला — वह दृश्य आज भी इतिहास
की किताबों में दर्ज है। 1950 के FIFA विश्व कप में भारत को क्वालीफाई करने का मौका मिला पर टीम नहीं गई। संतोष ट्रॉफी ने राज्य स्तरीय फुटबॉल को मजबूत किया और 2013 में ISL के आगमन ने क्लब फुटबॉल को नया आयाम दिया।